भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 दिसंबर को भारत की नई संसद भवन का शिलान्यास किया ।
भारत का नया संसद भवन मौजूदा संसद भवन के पास ही बनाना प्रस्तावित है. ये एक तिकोनी इमारत जैसा होगा। जबकि मौजूदा संसद भवन वृत्ताकार है।
कैसा होगा नया संसद भवन
क्यों बनाया जा रहा है नया संसद भवन?
सरकार और अधिकारियों के अनुसार संसद के बढ़ते काम के कारण एक नई इमारत के निर्माण की ज़रूरत महसूस की गई. अभी का संसद भवन ब्रिटिश दौर में बना था। जो 93 वर्ष पुराना है और उसमें जगह और अत्याधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं है।
नया संसद भवन कितना बड़ा होगा
अधिकारियों के अनुसार संसद के नए भवन में निचले सदन लोक सभा के 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है. नई इमारत में लोक सभा भूतल में होगी.
वहीं उच्च सदन राज्य सभा के 384 सदस्य इसमें बैठ सकेंगे.
ऐसा भविष्य में सांसदों की संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है.
भारत में अभी लोक सभा में 543 और राज्य सभा में 245 सीटें हैं.
नए संसद भवन की संयुक्त बैठक के दौरान वहाँ 1272 सदस्य बैठ सकेंगे.
इसके अलावा नए संसद भवन में और क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार नए भवन में सभी सांसदों को अलग दफ़्तर दिया जाएगा जिसमें आधुनिक डिजिटल सुविधाएँ होंगी ताकि 'पेपरलेस दफ़्तरों' के लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सके.
नई इमारत में एक भव्य कॉन्स्टीच्यूशन हॉल या संविधान हॉल होगा जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत को दर्शाया जाएगा. वहाँ भारत के संविधान की मूल प्रति को भी रखा जाएगा.
साथ ही वहाँ सांसदों के बैठने के लिए बड़ा हॉल, एक लाइब्रेरी, समितियों के लिए कई कमरे, भोजन कक्ष और बहुत सारी पार्किंग की जगह होगी.
इस पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर होगा. यह मौजूदा संसद भवन से 17,000 वर्ग मीटर अधिक होगा
नए संसद भवन के निर्माण पर कितना ख़र्च होगा
अधिकारियों के मुताबिक़ संसद की नई इमारत बनाने की लागत क़रीब 971 करोड़ रुपये होगी.
कौन बना रहा है नया संसद भवन
नई इमारत बनाने का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को मिला है. उसने सितंबर 2020 में 861.90 करोड़ रुपये की बोली लगाकर ये ठेका हासिल किया था.
नया संसद भवन सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है. इस प्रोजेक्ट का खाका गुजरात स्थित एक आर्किटेक्चर फ़र्म एचसीपी डिज़ाइन्स ने तैयार किया है.


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